क्या आपने कभी सोचा है कि जिस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI को हमने अपनी जिंदगी आसान बनाने के लिए अपनाया है, कहीं वही धीरे-धीरे हमारी सोचने-समझने की क्षमता को कमजोर तो नहीं कर रहा? आज का दौर AI का दौर है। शिक्षा हो, चिकित्सा हो, पत्रकारिता हो, कारोबार हो या फिर रोजमर्रा के काम—AI तेजी से हमारी जिंदगी का हिस्सा बनता जा रहा है। और इसमें कोई दो राय नहीं कि AI आज की जरूरत है। यह मुश्किल कामों को आसान बनाता है, समय बचाता है, सूचनाओं तक हमारी पहुंच बढ़ाता है और हमारी कार्यक्षमता में सुधार ला सकता है। इसलिए समाज के हर वर्ग को अपनी जरूरत और समझ के अनुसार AI के इस्तेमाल के बारे में सीखना चाहिए। लेकिन सवाल यह है कि AI का इस्तेमाल करना और AI पर निर्भर हो जाना—क्या ये दोनों एक ही बातें हैं? मेरी नजर में, बिल्कुल नहीं!